पटना : बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बिहटा स्थित आधुनिक इंटीग्रेटेड इर्रेडिएशन-कम-पैकहाउस (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) से 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग मिथिला मखाना की पहली समुद्री निर्यात खेप ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना की गई। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर इस खेप को रवाना किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि यह केवल एक निर्यात नहीं, बल्कि बिहार के किसानों की मेहनत, उद्यमियों की प्रतिबद्धता और राज्य की कृषि क्षमता को वैश्विक पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब तक बिहार में उत्पादित मखाना का निर्यात दूसरे राज्यों के माध्यम से होता था, लेकिन राज्य सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में अधिकतम निर्यात सीधे बिहार से हो।
उन्होंने बताया कि देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत है। अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, उच्च पोषण मूल्य, कम वसा, ग्लूटेन-फ्री और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण मिथिला मखाना दुनिया भर में सुपरफूड के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया को भेजी गई यह खेप एशिया-प्रशांत क्षेत्र सहित अन्य विकसित देशों के बाजारों में भी बिहार के मखाना की नई पहचान बनाएगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्यमियों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण देगी। साथ ही आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक खेती, ग्रेडिंग और उत्पादन के बाद के प्रबंधन में भी तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मखाना की खरीद-बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाया जाएगा। पारंपरिक तौली प्रणाली की जगह वजन आधारित खरीद-बिक्री व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार, कृषि विभाग, एपीडा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, आईसीएआर, किसान उत्पादक संगठनों और निर्यातकों के सहयोग से आधुनिक पैकहाउस, कोल्ड चेन, भंडारण और परिवहन सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। सीमा शुल्क निकासी की प्रक्रिया को भी और सरल बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को उत्पादन से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला से जोड़ना है। मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात के मार्ग में आने वाली हर बाधा को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने मखाना उत्पादक किसानों, एफपीओ, उद्यमियों और निर्यातकों से संवाद कर उनके सुझाव भी लिए और मखाना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर समन्वय का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में बिहार से जीआई-टैग एवं मूल्य संवर्धित मखाना का सफल निर्यात अमेरिका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, न्यूजीलैंड के बाद अब ऑस्ट्रेलिया तक किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि बिहार कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के अन्य कृषि उत्पाद भी विश्व के प्रमुख बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और “विकसित भारत” के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।
