पटना : बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए निर्देश दिया कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस समारोह में अंतर्राष्ट्रीय लोक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बिहार की संस्कृति, सभ्यता और लोक कला को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दीप प्रज्ज्वलित कर बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बिहार संग्रहालय द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। साथ ही पटना संग्रहालय में आयोजित मिथिला कला पर आधारित कालजयी चित्रकला प्रदर्शनी का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया तथा बिहार संग्रहालय के बहुउद्देशीय सभागार में भारत के कालजयी कलाकारों एवं लोक कला पर आधारित अस्थायी प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और ज्ञान परंपरा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार संग्रहालय का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से संभव हुआ और इसकी विश्वस्तरीय संरचना की सराहना स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार भोजपुरी, मैथिली, मगही, वज्जिका और अंगिका जैसी समृद्ध भाषाओं तथा माता सीता, बाबा हरिहरनाथ और मौर्यकालीन विरासत जैसी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों की भूमि है। मुख्यमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन को भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2027 के बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस समारोह में दुनिया के विभिन्न देशों की लोक कलाओं को भी शामिल किया जाए, ताकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिले और बिहार की कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हो।

इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए पद्मश्री सम्मानित कलाकार, कला साधक और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।
