पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बीते एक दशक में बिहार ने विकास का नया अध्याय लिखा है और विकसित भारत की यात्रा में राज्य अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को अभूतपूर्व सहयोग मिला है, जिससे राज्य की विकास क्षमता को नई ऊर्जा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी और केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों ने बिहार की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि जहां वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान बिहार को कर मद में लगभग 2.80 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, वहीं पिछले 11-12 वर्षों में यह राशि बढ़कर करीब 12.90 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी पहचान गरीब कल्याण है। जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में ग्रामीण सड़क नेटवर्क लगभग 1.20 लाख किलोमीटर तक पहुंच चुका है और 100 से अधिक आबादी वाले सभी टोलों को पक्की सड़क से जोड़ने का अभियान चल रहा है। राज्य में कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे और पुल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिनमें पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा तथा गंगा नदी पर नए पुल शामिल हैं।

हवाई संपर्क को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना, दरभंगा और पूर्णिया के अलावा सहरसा, बीरपुर, मुजफ्फरपुर, रक्सौल और वाल्मीकिनगर समेत कई स्थानों पर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य के सभी जिलों को हवाई संपर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

औद्योगिक विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। अब निवेशकों को 30 दिनों के भीतर स्वचालित मंजूरी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने 20 नवंबर तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि राजगीर और मुंगेर को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में डाटा सेंटर परियोजना पर भी जल्द काम शुरू होने वाला है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 21 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। दरभंगा एम्स, होमी भाभा कैंसर अस्पताल और पीएमसीएच विस्तार जैसी परियोजनाएं स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ऊंचाई दे रही हैं।

शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में राज्य का शिक्षा बजट बढ़कर 77,890 करोड़ रुपये हो गया है। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। महिला सशक्तीकरण के तहत जीविका समूहों और लखपति दीदी अभियान के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और अब विकास गांव-गांव तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली लंबित परियोजनाओं की समीक्षा वे स्वयं करेंगे ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश वर्तमान में मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में केवल योजनाओं की घोषणा नहीं हुई, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सफल प्रयास किया गया है। सुशासन, गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और औद्योगिक विकास के माध्यम से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार इस परिवर्तन का मजबूत सहभागी बन चुका है।

 

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