पटना : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर पंचायती राज विभाग, बिहार के अधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम की रोकथाम तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली। इस अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि वे बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए जागरूकता बढ़ाने, जन-सहभागिता को प्रोत्साहित करने और बच्चों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने, सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने तथा गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि बच्चों को श्रम से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
इस अवसर पर पंचायती राज विभाग ने बाल श्रम उन्मूलन को सामाजिक जागरूकता और सामूहिक उत्तरदायित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने कार्यक्षेत्र में बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बने रहने तथा बाल श्रम रोकथाम से संबंधित संदेशों को समाज तक पहुंचाने में सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि ग्राम पंचायतें स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाने की महत्वपूर्ण इकाई हैं। पंचायत स्तर पर सामुदायिक सहभागिता, अभिभावकों की जागरूकता तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों के माध्यम से बाल श्रम की रोकथाम में प्रभावी योगदान दिया जा सकता है। अंत में विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दोहराया।
