पटना : पटना के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत राज्यव्यापी ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार के हर जिले में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित अधिकारी 31वें दिन स्वतः निलंबित माने जाएंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा 10वें, 20वें और 25वें दिन नोटिस जारी कर प्रगति की निगरानी की जाएगी।

बिहार को समृद्ध बनाने का माध्यम बनेगा ‘सहयोग शिविर’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘सहयोग शिविर’ इसी संकल्प को जमीन पर उतारने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को टालने नहीं, बल्कि तय समय में समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे मामला अंचल, प्रखंड, थाना या न्यायालय से जुड़ा हो, प्रशासन हर स्तर पर लोगों को राहत दिलाने का काम करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि sahyog.bihar.nic.in पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 के जरिए भी लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सोनपुर में बनेगा गंगा-अंबिका पथ, नोएडा की तर्ज पर होगा विकास

मुख्यमंत्री ने सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पटना के जे०पी० गंगा पथ की तर्ज पर सोनपुर में ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही नए पुलों, एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम से नए टाउनशिप के निर्माण की भी बात कही।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित होगी, उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिहार में उद्योग, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तेजी से काम कर रही है। प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं ताकि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।