पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों का उपयोग एवं वर्तमान स्थिति, गंगा तट क्षेत्र के विकास तथा राज्य की ऐतिहासिक एवं पर्यटकीय विकास की कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जे०पी० गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और गंगा तट राज्य की अमूल्य संपदा हैं, जिनका संरक्षण और विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिये राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करें। साथ ही इन स्थलों के संबंध में सही एवं विस्तृत जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि देश-विदेश के अधिकाधिक पर्यटक बिहार की समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें। पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करना है और इसकी गौरवगाथा को नई पीढ़ी और पर्यटकों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विशेष योजनाएं तैयार की जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जे०पी० गंगा पथ को केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि पर्यटन, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पटना की नई पहचान बन सकती है और बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है। सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों के संचालन एवं रख-रखाव के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल तथा Design, Build, Operate and Maintain (DBOM) मॉडल की संभावनाओं का आंकलन करें। साथ ही इन भवनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि गृहों में परिवर्तित करने के लिए एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए, जिससे विभागीय परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा तट क्षेत्र के विकास को राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कुर्जी घाट से काली घाट तक समेकित विकास (समग्र उद्यान) योजना तैयार करें। समग्र उद्यान के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाकर इसे नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनायें। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटकीय सुविधाओं, सार्वजनिक अवसंरचना, हरित क्षेत्रों एवं नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों एवं योजनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुये तेजी से कार्य पूर्ण करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेश पराशर, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
