कोसी-मेची लिंक, आमस-दरभंगा फोर लेन, वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर समेत 100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा, टीबी मुक्त बिहार अभियान और CSR फंड जुटाने पर भी दिया जोर।

पटना : राजधानी पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के ‘संकल्प’ सभागार में मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार गति’ के अंतर्गत चिन्हित 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन, पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “बिहार ने विकास की गति पकड़ ली है, अब इसे और तेज करना है।” उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि परियोजनाओं में आने वाली सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए और नियमित समीक्षा के माध्यम से कार्यों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।

प्रमुख परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश
जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची इंटर स्टेट लिंक परियोजना, नॉर्थ कोयल जलाशय परियोजना तथा मंडई वीयर परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही निर्माण कार्यों में गति लाई जाए, ताकि सिंचाई क्षमता बढ़े और किसानों को जल्द लाभ मिल सके।

वहीं पथ निर्माण विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने वाराणसी-रांची-कोलकाता 6 लेन कॉरिडोर, आमस-दरभंगा फोर लेन परियोजना और कन्हौली-शेरपुर (एनएच-131जी) 6 लेन परियोजना के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक अड़चनों को जल्द दूर करने पर जोर देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में सड़क संपर्क मजबूत होगा और औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

टीबी मुक्त बिहार अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे विशेष अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों की जल्द पहचान की जाए। जिन क्षेत्रों में टीबी के मामले अधिक हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाए तथा सभी टीबी केंद्रों को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने 2 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक चल रहे ‘टीबी मुक्त बिहार’ विशेष अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने, पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने, मोबाइल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों तक पहुंच बढ़ाने तथा मरीजों को समय पर उपचार, पोषण सहायता और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

CSR से ₹2,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से ₹2,000 करोड़ का फंड जुटाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला सशक्तिकरण और अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में उद्योगों एवं कॉरपोरेट संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया, ताकि सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी से विकसित एवं समृद्ध बिहार के निर्माण को और गति मिल सके।

बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।