पटना : हिन्दी-दिवस के अवसर पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की ओर से आयोजित हिन्दी-पखवारा एवं पुस्तक-चौदस मेला के तीसरे दिन विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में लोयला हाई स्कूल, कुर्जी, शिवम् कौंवेंट, इंद्र प्रसाद सिंह गंग-स्थली बालिका विद्यापीठ सहित विभिन्न विद्यालयों के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छता और स्वास्थ्य’ तथा ‘मेरे प्रिय साहित्यकार’ जैसे विषयों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों के व्याख्यानों में विषय की समझ, भाषा की स्पष्टता और प्रस्तुति-कौशल की झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर बिहार सरकार में विशेष सचिव रह चुके तथा सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा. उपेन्द्रनाथ पाण्डेय ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘व्याख्यान-कौशल’ और उसके व्याकरण से परिचित कराते हुए कहा कि एक प्रभावी व्याख्यान सदैव विषय-केंद्रित होने के साथ-साथ शब्द-लालित्य से परिपूर्ण, श्रवणीय और आनंददायक होना चाहिए।

प्रतियोगिता में कई छात्र-छात्राओं ने मननशील वक्ताओं की तरह अपने विचारों को प्रभावशाली और आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया। उनके व्याख्यानों ने निर्णायक मंडल के साथ-साथ उपस्थित श्रोताओं को भी प्रभावित किया।

कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के सदस्य डा. रत्नेश्वर सिंह एवं प्रो. उषा सिंह, प्रतियोगिता आयोजन समिति के संयोजक ईं. अशोक कुमार, डा. नागेश्वर प्रसाद यादव, ईं. बाँके बिहारी साव, कृष्ण रंजन सिंह, शशिकला कुमारी, नम्रता कुमारी, अवंतिका तथा इन्दुभूषण सहाय सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार

बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को आगामी 15 सितंबर को आयोजित होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 1100 रुपये, 700 रुपये और 500 रुपये की पुरस्कार राशि के साथ पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को भी प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

 

सम्मेलन परिसर में आयोजित पुस्तक-मेला में विद्यार्थियों और अन्य आगंतुकों ने पुस्तकों की खरीदारी भी की। हिन्दी-पखवारा के माध्यम से विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा, साहित्य और प्रभावी अभिव्यक्ति के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।