साहित्य सम्मेलन में आयोजित ‘कथा-कार्यशाला’ में शिल्प, भाषा, कथा-विधान पर हुई चर्चा
पटना : कथा-साहित्य मानव-जीवन को आदिकाल से प्रभावित करता रहा है। मानव का शैशव दादी-नानी की गोद में कथा-कहानी सुनते हुए व्यतीत होता है। ये कहानियाँ मानव-जीवन को सदियों से…










