नीतीश कुमार पिछले 17-18 सालों से जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का सपना देख रहे हैं I इस बार मध्य प्रदेश में भी अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाया था लेकिन यहां भी सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई I राष्ट्रीय पार्टी बनाने का जदयू का सपना एक बार फिर से चकनाचूर हो गया है I

पटना : 3 दिसंबर को 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए, जहां तीन राज्यों में बीजेपी की जबरदस्त जीत हुई I वहीं, एक राज्य में कांग्रेस ने बाजी मारी I आपको बता दें कि सोमवार को राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए, जहां राजस्थान, छत्तसीगढ़ और मध्य प्रदेश में बीजेपी के सिर पर जीत का ताज सजा तो वहीं तेलंगाना में कांग्रेस ने चुनाव में जीत दर्ज की I विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद भाजपा में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है I भाजपा के ऑफिस में सोमवार को जश्न मनाया गया तो वहीं अब भाजपा के नेता विपक्ष पर हमला साध रहे हैं I साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत का दावा कर रहे हैं I इस बीच इंडिया गठबंधन के सूबेदार बिहार के सीएम नीतीश कुमार की करारी हार के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं I

एमपी चुनाव में जदयू का बुरा हाल

दरअसल, मध्य प्रदेश के चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने 10 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे I जिनमें से जदयू ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट पर उम्मीदवार की घोषणा करने के बाद भी जदयू ने चुनाव नहीं लड़ा I वहीं, चुनाव में जो सीटों पर परिणाम आया है, उसने जदयू के कार्यकर्ताओं में भारी निराशा पैदा कर दी है I बता दें कि इंडिया गठबंधन को लेकर नीतीश कुमार को उनकी पार्टी के कार्यकर्ता व कई बड़े नेता पीएम उम्मीदवार के तौर पर बता चुके हैं I इतना ही नहीं सीएम नीतीश को पीएम के रूप में बताते हुए कई सभा में नारे भी लगाए गए हैं I बावजूद इसके एमपी विधानसभा चुनाव में जो चुनावी नतीजे सामने आया, उसमें जदयू के हाथ 5 सीटों पर तो 100 से भी कम वोट मिले I सिर्फ थंडला विधानसभा सीट ही ऐसी है जहां जदयू को 1000 से ज्यादा वोट मिल सके हैं, उसके अलावा किसी भी सीट से जदयू के प्रत्याशी 1000 से ज्यादा वोट नहीं ला सके I

जदयू को 9 सीटों पर मिले इतने वोट

  • थंडला 1445
  • पेटलावद 472
  • राजनगर 119
  • जबलपुर उत्तर 161
  • पिछोरे 45
  • बालाघाट 26
  • विजयराघवगढ़ 21
  • गोटेगांव 95
  • बहोरीबंद 71

नेशनल पार्टी बनने का सपना चकनाचूर :

जदयू के उम्मीदवारों से अधिक लोगों ने नोटा का बटन दबाया है I जदयू के कुल वोटो की बात करें 0. 02% वोट मिला है जबकि इन सीटों पर नोटा 1% डाला गया है I ऐसे तो जदयू ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में चुनाव लड़ा है और अधिकांश जगह इसी उम्मीद से चुनाव लड़ती है कि पार्टी को इतनी सीट और वोट आ जाएगा कि राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाएगा लेकिन ऐसा अभी तक हुआ नहीं है I

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