पटना : गंगा नदी के विभिन्न स्थानों पर लगातार बढ़ रहे जलस्तर और सहायक नदियों में बैकवाटर के संभावित प्रभाव को देखते हुए बिहार का जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी विभागीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और रात के समय भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

सचिव ने संवेदनशील तटबंधों, स्लुइस गेटों, निचले इलाकों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर रात्रि गश्ती अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
सीपेज और कटाव पर रहेगी विशेष नजर
विभाग की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तटबंधों एवं अन्य जल संरचनाओं पर सीपेज, ओवरटॉपिंग, कटाव, रिसाव अथवा किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति की लगातार निगरानी की जाए। संवेदनशील स्थानों पर किसी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना बिना विलंब वरीय अधिकारियों को दी जाए। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
रात में पर्याप्त रोशनी और संचार व्यवस्था जरूरी
सभी संवेदनशील स्थलों पर रात्रि के दौरान पर्याप्त मानव बल, प्रकाश व्यवस्था और संचार सुविधा उपलब्ध रखने को कहा गया है। क्षेत्रीय पदाधिकारियों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थलों पर पूरी रात सतर्क एवं उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है। बढ़ते जलस्तर के बीच विभाग की यह तैयारी तटबंधों और जल संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संभावित बाढ़ संबंधी परिस्थितियों से समय रहते निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
