पटना : बिहार के कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आज कृषि भवन, मीठापुर में डिजिटल कृषि निदेशालय का विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही 12 राजकीय प्रक्षेत्रों में मॉडल कस्टम हायरिंग सेंटर और 25 जिलों के 32 अनुमंडलों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की भी शुरुआत की गई।

मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खेती को डेटा-आधारित बनाना, किसानों को रियल-टाइम सेवाएं देना और कृषि योजनाओं में पारदर्शिता लाना है। डिजिटल निदेशालय के माध्यम से फसल सर्वे, उत्पादन का पूर्वानुमान, डिजिटल सॉइल हेल्थ कार्ड और ड्रोन तकनीक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे, जिससे किसानों को प्रशिक्षण और बेहतर उत्पादन में मदद मिलेगी। वहीं, मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं से उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी।

सरकार का मानना है कि इन पहलों से न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

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