दरभंगा: बिहार विधान परिषद की दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा, जदयू और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। भाजपा की ओर से सर्वेश कुमार, जदयू से डॉ. घनश्याम राय और कांग्रेस की ओर से डॉ. मदन मोहन झा चुनाव मैदान में उतरे हैं।

भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष नामांकन दाखिल किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा और बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी समेत कई नेता मौजूद रहे।

जदयू प्रत्याशी डॉ. घनश्याम राय ने अपने प्रोफेसर साथियों के साथ नामांकन दाखिल किया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा ने भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना पर्चा दाखिल किया। डॉ. मदन मोहन झा लगातार दो बार से विधान पार्षद हैं और इस बार लगातार तीसरी जीत की उम्मीद के साथ मैदान में हैं।

भाजपा ने विकास के नाम पर मांगा समर्थन

नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने कहा कि पिछली बार मिथिलांचल के युवाओं ने उन पर भरोसा जताया था। उन्होंने शिक्षक मतदाताओं से राज्य के विकास और प्रगति को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एजेंडे के आधार पर मतदान करने की अपील की।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन और मॉडल स्कूल की दिशा में काम कर रही है। साथ ही 700 विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए नीट कोचिंग की व्यवस्था किए जाने की बात कही। संजय सरावगी ने कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां 211 डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा वित्त रहित संस्थानों के वेतनमान, पटना में माता सीता विश्वविद्यालय, बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी विश्वविद्यालय और शिक्षण प्रशिक्षण विश्वविद्यालय जैसी पहल को सरकार की शैक्षणिक प्राथमिकताओं का हिस्सा बताया।

जदयू ने गिनाई 20 साल की शिक्षक बहाली

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सरकार के भविष्य पर असर डालने वाला चुनाव नहीं है, लेकिन इसका असर लोगों के मनोबल पर जरूर पड़ता है। उन्होंने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार की सरकार बनने के समय शिक्षकों और प्रोफेसरों को समय पर वेतन नहीं मिलता था। सरकार बनने के बाद शिक्षकों को समय पर वेतन देने की व्यवस्था की गई।

संजय झा ने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में जितनी संख्या में शिक्षकों की बहाली हुई है, उतनी बहाली किसी अन्य राज्य में भी शायद नहीं हुई होगी। उन्होंने बिहार के बढ़े बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले राज्य का बजट करीब 24 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है।

मदन मोहन झा को हैट्रिक का भरोसा

कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि शिक्षक मतदाताओं का स्नेह और समर्थन उन्हें लगातार मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव की तैयारी में उनके समर्थक और शिक्षक मतदाता पूरी मजबूती से जुटे हुए हैं। डॉ. मदन मोहन झा ने भरोसा जताया कि शिक्षक मतदाताओं के आशीर्वाद से वह लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने में सफल होंगे।

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीन प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नामांकन के बाद मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब सभी दल शिक्षक मतदाताओं के बीच अपने-अपने मुद्दों और विकास के एजेंडे को लेकर जोर-शोर से प्रचार की तैयारी में जुटेंगे।