पटना: बिहार के नगर निकाय कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही हड़ताल समाप्त हो गई है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कई अहम मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद बिहार लोकल बोडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (संयुक्त मोर्चा) और पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।
बैठक में सरकार ने दैनिक पारिश्रमिक पर कार्यरत सफाई कर्मियों की सेवाशर्तों और कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों पर सैद्धांतिक सहमति दी। इसके तहत उन्हें संविदा कर्मियों की तरह एकमुश्त मासिक मानदेय, महंगाई के अनुसार नियमित वृद्धि, प्रत्येक 10 वर्ष की सेवा के बाद मानदेय उत्क्रमण, उपार्जित अवकाश, साल में 16 दिन का आकस्मिक अवकाश, महिला कर्मियों को प्रतिमाह दो विशेष अवकाश, मातृत्व अवकाश, चिकित्सा बीमा, दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा तथा सेवा पूर्ण होने पर उपादान (ग्रेच्युटी) जैसी सुविधाएं देने पर विचार किया जाएगा।
इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पराशर की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति में नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी समेत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि किसी भी दैनिक पारिश्रमिक कर्मी को बिना ठोस कारण और निर्धारित प्रक्रिया अपनाए सेवा से नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई होती है तो उसे अपील करने का अधिकार भी मिलेगा। साथ ही सभी दैनिक सफाई कर्मियों का सेवा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।
बैठक में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों के हितों की सुरक्षा पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि एजेंसी बदलने की स्थिति में कर्मचारियों को यथासंभव उसी कार्य पर बनाए रखा जाएगा। उनके वेतन में किसी प्रकार की अवैध कटौती नहीं होगी और भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। इसके अलावा बोनस अधिनियम के तहत बोनस का भुगतान, वाहन या मशीनरी खराब रहने की अवधि में चालकों को पारिश्रमिक तथा श्रम कानूनों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार ने नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों को ACP/MACP का लाभ बहाल करने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए पूर्व में जारी आदेशों में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों पर की गई सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को शीघ्र वापस लिया जाएगा। साथ ही अनुपस्थिति की अवधि को देय अवकाश से समायोजित करने पर भी सहमति बनी है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बनी इस सहमति के बाद राज्य के सभी नगर निकायों में सफाई व्यवस्था के जल्द सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
