नालंदा: चंडी प्रखंड की महकार पंचायत अंतर्गत रईसा मोड़ से दरियापुर तक जाने वाली 3.4 किलोमीटर लंबी सड़क बदहाली की मिसाल बन चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव के कारण लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सड़क और गड्ढों में अंतर कर पाना भी मुश्किल हो जाता है।

इस सड़क से प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों का आवागमन होता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, किसान और अन्य स्थानीय लोग रोज अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। दोपहिया और तीनपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी बड़े हादसे को न्योता देती नजर आ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का सवाल है कि जब शिकायतों पर अमल ही नहीं होना है तो ऐसी व्यवस्थाओं का क्या औचित्य है?

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक ओर सड़क और परिवहन से जुड़े विभिन्न कर एवं शुल्क बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को मूलभूत सड़क सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हरनौत विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक हरिनारायण सिंह से भी लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने विकास की उम्मीद में जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन आज भी उन्हें जर्जर सड़क पर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क की बदहाली को लेकर 13 नवंबर 2025 को लोक अदालत में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अब ग्रामीण केवल मरम्मत नहीं, बल्कि पूरी सड़क का नए सिरे से चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण चाहते हैं।
न्यूज़ भारत 24 प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग करता है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों आबादी को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
रिपोर्ट: संजय कुमार, (नालंदा)
