पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के गौरवशाली शैक्षणिक इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार अगले एक वर्ष के भीतर विक्रमशीला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना करेगी। उन्होंने यह घोषणा पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में प्रभात खबर द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना समाज तथा राज्य के विकास के लिए आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान और प्रतिभा की भूमि है। राज्य के छात्र देशभर में अपनी मेधा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे प्रतियोगी परीक्षाएं हों या देश के प्रमुख शिक्षण संस्थान, हर जगह बिहार के विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण उपस्थिति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशीला विश्वविद्यालय बिहार की ऐतिहासिक धरोहर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से नालंदा विश्वविद्यालय का पुनर्स्थापन हुआ है। अब राज्य सरकार विक्रमशीला विश्वविद्यालय को भी पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हर प्रखंड में मॉडल स्कूल
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जुलाई माह से राज्य के प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को इतना बेहतर बनाना है कि कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी इन मॉडल स्कूलों में दाखिला लेना पसंद करें।
211 प्रखंडों में खुलेंगे डिग्री कॉलेज

सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में किसी को डरने की आवश्यकता नहीं है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और कानून को चुनौती देने वालों को 48 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। उन्होंने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए “पुलिस दीदी” जैसी पहल भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा, “एक बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। बिहार की बेटियां और बेटे दोनों ही हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।”
कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, प्रभात खबर के वाइस प्रेसिडेंट विजय बहादुर और प्रधान संपादक अंकित शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षाविद, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के निदेशक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।
