नालंदा : राज्य सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) के तहत “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नालंदा जिले में स्थापित किए जाने वाले 9 डिग्री महाविद्यालयों के संचालन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में चिन्हित विद्यालय परिसरों में आवश्यक जीर्णोद्धार, निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं विद्यालय प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि उच्च शिक्षा के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों के सफल संचालन के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भवनों, कक्षाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं को जल्द से जल्द तैयार किया जाए।

इन संस्थानों में संचालित होंगे डिग्री कॉलेज

नालंदा जिले में डिग्री महाविद्यालयों के संचालन हेतु निम्नलिखित शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है :

* रहुई प्रखंड – श्री बालेश्वर प्रसाद +2 उच्च विद्यालय, पतासंग

* नूरसराय प्रखंड – उच्च विद्यालय, नूरसराय

* बिंद प्रखंड – मध्य विद्यालय, उत्तरथू

* नगरनौसा प्रखंड – मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय, लोदीपुर, उस्मानपुर

* कतरीसराय प्रखंड – टेकनारायण +2 उच्च विद्यालय, वादी, कतरीसराय

* थरथरी प्रखंड – मध्य विद्यालय, भतहर

* करायपरशुराय प्रखंड – मध्य विद्यालय, मखदुमपुर

* परवलपुर प्रखंड – मध्य विद्यालय, नेहुआपर

* सरमेरा प्रखंड – उच्च विद्यालय, गोपालबाद, प्राणवा (पीएम श्री विद्यालय)

* शौचालय, पेयजल और बिजली व्यवस्था पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने सभी चिन्हित संस्थानों में उपलब्ध भवनों, वर्गकक्षों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का आकलन कर आवश्यक निर्माण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग सुसज्जित शौचालय, स्वच्छ पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, रंग-रोगन तथा परिसर की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने को कहा।

साथ ही सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर बल देते हुए उन्होंने महाविद्यालयों में आवश्यक फर्नीचर, स्टेशनरी सामग्री और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रभारी उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा सभी चिन्हित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे।

संजय कुमार की रिपोर्ट