पटना : बिहार सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जीविका दीदियों व किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे, जहां जीविका समूहों और किसानों के उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शनी की व्यवस्था होगी। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रवार को नाबार्ड और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में गरीबों के रोजगार और आजीविका को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर आधुनिक हाट विकसित होने से ग्रामीण उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

बैठक में मंत्री ने जीविका दीदियों और किसानों के उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए गांवों में अत्याधुनिक हाट-बाजार विकसित करने का रोडमैप तैयार करने को कहा। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।

महिलाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर पर कम से कम 10 महिलाओं और युवतियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षित महिलाएं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने के साथ अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देंगी। उन्होंने जीविका दीदियों के लिए नियमित स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाने पर भी बल दिया ताकि उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप तैयार हो सकें।

प्लंबर प्रशिक्षण और खाली सरकारी भवनों का होगा उपयोग

बैठक में ग्रामीण युवाओं और जरूरतमंदों को प्लंबर का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा गांवों में खाली पड़े सरकारी भवनों की पहचान कर उन्हें हाट-बाजार के रूप में विकसित करने और खेल मैदानों का व्यवस्थित निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया।

पांच वर्षों में हर पंचायत में एक हाट का लक्ष्य

बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अधिकारियों से कहा कि अगले पांच वर्षों के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक हाट विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने सभी हाटों को डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने और आवश्यक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

पहाड़ी क्षेत्रों में बकरी पालन को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री श्रवण कुमार ने पश्चिम चंपारण, मुंगेर और नवादा जैसे पहाड़ी जिलों में बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में पशुपालन रोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है, जिससे महिलाओं और गरीब परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा, वीबी-जी रामजी योजना की आयुक्त अनन्या सिंह, नाबार्ड पटना के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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