पटना : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 12 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार देर रात तबादले की सूची जारी की। इस फेरबदल में भोजपुर, बेगूसराय, सीवान, सीतामढ़ी और कैमूर समेत पांच जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है। इसके अलावा गृह, वित्त, ग्रामीण विकास, निगरानी, शिक्षा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।

पांच जिलों में नए जिलाधिकारी

सरकार की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार:

भोजपुर (आरा): मनेश कुमार मीणा

बेगूसराय: रिची पांडेय

सीवान: विजय प्रकाश मीणा

सीतामढ़ी: तनय सुल्तानिया

कैमूर (भभुआ): कुमार अनुराग

अरविंद चौधरी को BIPARD के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी को बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके पास बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) का प्रभार पहले से है। अरविंद चौधरी 1995 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं।

एचआर श्रीनिवासन बने ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव

1996 बैच के IAS अधिकारी एचआर श्रीनिवासन को ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उनका समाज कल्याण विभाग से तबादला किया गया है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

पंकज कुमार को गृह विभाग की जिम्मेदारी

1997 बैच के IAS अधिकारी पंकज कुमार को गृह विभाग का नया प्रधान सचिव बनाया गया है। उनका तबादला ग्रामीण विकास विभाग से किया गया है। वहीं, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार को गृह सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

विनय कुमार बने वित्त विभाग के प्रधान सचिव

1999 बैच के IAS अधिकारी विनय कुमार को वित्त विभाग का नया प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव के अतिरिक्त प्रभार में बने रहेंगे।

राजेश कुमार बने पटना प्रमंडल के नए आयुक्त

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार का तबादला करते हुए उन्हें पटना प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है। वहीं, पटना के मौजूदा प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े को निगरानी विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। दोनों अधिकारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं।

संजय कुमार सिंह को मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी

2007 बैच के IAS अधिकारी संजय कुमार सिंह को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है। उनका वित्त विभाग के सचिव पद से तबादला किया गया है। उनके पास वाणिज्य कर आयुक्त, GST अपर आयुक्त और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

शिक्षा विभाग में भी बदलाव

बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, उनके पास समाज कल्याण विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार बना रहेगा।

वहीं, 2010 बैच के IAS अधिकारी राजीव रौशन को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। वह उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और वित्त विभाग के संसाधन सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे।

चंद्रशेखर सिंह को लघु जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार

जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह को लघु जल संसाधन विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं।

नवदीप शुक्ला को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद का अतिरिक्त प्रभार

युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के विशेष सचिव नवदीप शुक्ला को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह बिहार कौशल विकास मिशन के कार्यपालक पदाधिकारी भी हैं।

पांच जिलों के नए DM कौन-कौन?

भोजपुर: 2015 बैच के IAS अधिकारी मनेश कुमार मीणा को भोजपुर का नया DM बनाया गया है। उनका खान निदेशक पद से तबादला किया गया है।

बेगूसराय: 2016 बैच की IAS अधिकारी रिची पांडेय को सीतामढ़ी से स्थानांतरित कर बेगूसराय का नया DM बनाया गया है।

सीवान: 2016 बैच के IAS अधिकारी विजय प्रकाश मीणा को सीवान का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। उनका नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव पद से तबादला हुआ है।

सीतामढ़ी: 2017 बैच के IAS अधिकारी तनय सुल्तानिया को भोजपुर से स्थानांतरित कर सीतामढ़ी का नया DM बनाया गया है।

कैमूर: 2019 बैच के IAS अधिकारी कुमार अनुराग को कैमूर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनका बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पद से तबादला किया गया है।

प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव

बिहार सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में जिलों के साथ-साथ राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों की कमान भी बदली गई है। गृह और वित्त जैसे अहम विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती के साथ शिक्षा, ग्रामीण विकास, निगरानी और मद्य निषेध विभाग में भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।