सीएम ने सीमावर्ती जिलों में 15 किलोमीटर तक निगरानी बढ़ाने, उर्वरक व मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और किशनगंज में 100 उर्दू विद्यालयों के लिए स्थल चिन्हित करने का दिया निर्देश।

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैर कानूनी, आर्थिक अपराध या संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीमावर्ती सात जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए।

15 किलोमीटर तक रहेगी विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में आर्थिक अपराधों, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जाए, ताकि किसी भी तरह की गैर कानूनी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

तस्करी रोकने के लिए नियमित बैठकें

सम्राट चौधरी ने उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर कार्रवाई करें, जिससे सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

अचानक बढ़ी संपत्ति वालों की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों के थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया। यह टीम ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन करेगी जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई है। ऐसे मामलों की पूरी जानकारी जुटाकर कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

किशनगंज में 100 उर्दू विद्यालयों के लिए होगी जमीन की पहचान

बैठक में मुख्यमंत्री ने किशनगंज जिले में 100 ऐसे उपयुक्त स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां नए उर्दू विद्यालय स्थापित किए जा सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

735 किलोमीटर लंबी सीमा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार की भारत-नेपाल सीमा लगभग 735 किलोमीटर लंबी है, जो सात जिलों, 70 पुलिस थानों और एसएसबी की 194 बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) से होकर गुजरती है। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल के मैत्रीपूर्ण संबंधों को बनाए रखते हुए सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, सचिव, एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स, आयकर विभाग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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