पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के उत्थान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के माध्यम से जनजातीय समाज के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद सभागार’ में आयोजित ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘बिरसा लिब्स इन न्यू भारत’ थीम के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जन्म वर्ष के अवसर पर यह पहल ऐतिहासिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लगभग 1 लाख 4 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिनमें 4 हजार 155 अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 1 लाख 41 हजार अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं हैं।

उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में खेल और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, द्वितीय विजेता को 75 हजार रुपये और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाल्मीकिनगर तथा कैमूर में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए होम स्टे योजना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि लोग जनजातीय संस्कृति को नजदीक से समझ सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि बिहार में वन क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से राज्य का वन क्षेत्र 8-9 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत तक पहुंचा है और सरकार का लक्ष्य इसे 17 प्रतिशत तक ले जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में स्थापित किए जा रहे एकलव्य विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे जनजातीय समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कैमूर के अधौरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोला जाएगा।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने भी संबोधित किया।
इस दौरान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभुकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
