पटना : मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने पटना नगर निगम के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जल-जमाव, नाला निर्माण, पेयजल व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन तैयारियों से जुडे़ विभिन्न विषयों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की।

मंत्री ने निर्देश दिया कि “मैनहोल” को अब “मशीन होल” कहा जाए तथा उनकी सफाई एवं मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक मशीनों की समुचित व्यवस्था की जाए। “मैनहोल नहीं, मशीन होल” की सोच के साथ अब शहरों में सीवर एवं नालों की सफाई आधुनिक मशीनों के माध्यम से की जाएगी।

मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सफाई कार्यों में मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक जेटिंग मशीन, सक्शन मशीन जैसे उपकरणों के उपयोग से सफाई व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य तकनीक आधारित स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक शहरी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित नाला निर्माण एवं सफाई कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी संवेदकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनता के कष्ट को समझें और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ करें।

बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष जलजमाव वाले क्षेत्रों का विस्तृत आकलन कर उसी आधार पर इस वर्ष की तैयारी सुनिश्चित की जाए। अनुमंडल पदाधिकारियों सहित सभी संबंधित विभागों के साथ इंटरडिपार्टमेंटल समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा गया। इसके साथ ही संभावित खतरों वाले स्थानों पर अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के लिए एक विस्तृत SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर उसी के अनुरूप कार्य किया जाए। साथ ही कमांड सेंटर में मॉनिटरिंग के लिए अलग टीम गठित करने तथा मोटर, पंप एवं सम्प से संबंधित आपातकालीन परिस्थितियों हेतु अलग से कंटिंजेंसी प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी कहा कि संकट की स्थिति में अन्य नगर निकायों की सहायता के लिए भी पूरी तैयारी रखी जाए।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष की समस्याओं एवं आंकड़ों का विश्लेषण कर इस वर्ष बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना चाहिए तथा आपातकालीन स्थिति में भी जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।