पटना: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खेतों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य सुधार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ मिट्टी, संरक्षित जल और समृद्ध किसान ही आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कृषि मंत्री शनिवार को पटना स्थित कृषि भवन में अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘खेत बचाओ अभियान’ पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों ने भी भाग लिया।
बिहार में 26 अक्टूबर से शुरू होगा खेत बचाओ अभियान
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में आगामी 26 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘खेत बचाओ अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। इसके तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल प्रबंधन और पोषक तत्वों के उचित इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय कर्मियों के बीच समन्वय बढ़ाकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले राज्य में 1 जून से 30 जून तक खेत बचाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान पूरे बिहार में 7,275 किसान चौपालों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 6,19,436 किसानों को जागरूक किया गया। इन चौपालों में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व की जानकारी किसानों तक पहुंचाई गई।
टिकाऊ खेती से सुरक्षित होगा कृषि का भविष्य
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत कृषि, पर्यावरण संरक्षण और किसान समृद्धि के विजन के अनुरूप राज्य सरकार टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित कर रही है। मृदा स्वास्थ्य की रक्षा, जल संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेती केवल अनाज उत्पादन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जीवन का आधार है। खेतों की उर्वरता बनाए रखना और जल संसाधनों का संरक्षण करना कृषि के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।
जल संरक्षण और फसल विविधीकरण पर जोर
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए वर्षा जल संचयन, खेतों में नमी बनाए रखने, फसल विविधीकरण, फसल अवशेष प्रबंधन और दलहनी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। इन उपायों से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करने और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि प्रसार तंत्र के माध्यम से किसानों तक आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी पहुंचाई जाएगी, ताकि किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दे सकें।
‘खेत सुरक्षित, समृद्ध किसान, खुशहाल बिहार’
कृषि मंत्री ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन पर सामूहिक प्रयास करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा, “प्रकृति ही शक्ति है और प्रकृति के प्रति हमारी भक्ति एवं श्रद्धा आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
विजय कुमार सिन्हा ने ‘खेत सुरक्षित, समृद्ध किसान, खुशहाल बिहार’ का संदेश देते हुए कहा कि खेतों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
