कजरैली पुलिस ने तेज रफ्तार कार को घेराबंदी कर रोका, ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि; बिजली विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
भागलपुर: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब सेवन कर वाहन चलाने का मामला सामने आया है। भागलपुर जिले के कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में सहायक विद्युत अभियंता और एक पत्राचार लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वाहन जब्त कर दोनों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस की घेराबंदी के बाद रोका गया वाहन
मिली जानकारी के अनुसार, कजरैली थाना क्षेत्र में पुलिस नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन पर पड़ी। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने गाड़ी नहीं रोकी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन की घेराबंदी की और उसे रोक लिया।

वाहन रुकने के बाद पुलिस ने उसमें सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की। इस दौरान उनके मुंह से शराब की गंध आने पर पुलिस को शराब सेवन का संदेह हुआ। इसके बाद दोनों को थाने लाया गया, जहां ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। पुलिस के अनुसार, जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई।
सहायक विद्युत अभियंता चला रहे थे गाड़ी
पुलिस के मुताबिक, वाहन अमरपुर में पदस्थापित सहायक विद्युत अभियंता अरविंद कुमार चला रहे थे। उनके साथ पत्राचार लिपिक राजवीर कुमार भी मौजूद थे। पुलिस ने वाहन को जब्त करते हुए दोनों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।
शराबबंदी कानून और विभागीय कार्रवाई पर सवाल
इस घटना के बाद सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मियों की जवाबदेही और बिहार में शराबबंदी कानून के अनुपालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शराब सेवन कर वाहन चलाने का आरोप गंभीर है, क्योंकि इससे सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
मामले में एक अन्य सवाल बिजली विभाग की ओर से संभावित विभागीय कार्रवाई को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल, पुलिस की कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय स्तर पर आगे होने वाली कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
