अरवल : पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रथम ‘पंचायत विकास दिवस’ का आयोजन उत्साह और जनसहभागिता के साथ किया गया। इसी क्रम में अरवल जिले के अरवल प्रखंड स्थित अमरा एवं बेलखारा ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग के मंत्री एवं अरवल के प्रभारी मंत्री दीपक प्रकाश ने भाग लिया।

 

मंत्री ने अमरा पंचायत में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और दोनों पंचायतों में ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ संवाद कर पंचायतों के समग्र विकास, सुशासन और जनभागीदारी को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

अपने संबोधन में दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होता है, जब योजनाएं जनता की भागीदारी से बनें और उनका क्रियान्वयन भी जनसहयोग से सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि ‘पंचायत विकास दिवस’ ग्राम सभाओं को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और सहभागितापूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंचायत सरकार भवनों का सुदृढ़ीकरण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पंचायत प्रतिनिधियों का क्षमता विकास, तकनीक आधारित अनुश्रवण व्यवस्था तथा ग्राम सभाओं को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम ग्रामीण स्वशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

मंत्री ने पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को बिहार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि महिला जनप्रतिनिधि आज सामाजिक परिवर्तन, समावेशी विकास और सुशासन की प्रभावी वाहक बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने सभी नागरिकों से प्रत्येक माह आयोजित होने वाले ‘पंचायत विकास दिवस’ में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि सशक्त पंचायत, जागरूक नागरिक और सक्रिय ग्राम सभा ही विकसित गांव, विकसित बिहार और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव हैं।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं, आगामी विकास कार्यों, प्राप्त राशि, व्यय एवं अवशेष राशि की जानकारी ग्राम सभा के समक्ष साझा की गई। साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के नौ प्रमुख विषयों पर चर्चा कर पंचायत स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।

इस माह आयोजित ‘पंचायत विकास दिवस’ की थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” रही। इस अवसर पर महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और पंचायतों में अपनी बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया।

समापन संबोधन में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ‘पंचायत विकास दिवस’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्राम स्वराज, सुशासन, पारदर्शिता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनभागीदारी को मजबूत करने का सतत जन-अभियान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी, पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही और नागरिकों के सहयोग से बिहार की ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर, समावेशी और विकासोन्मुख स्थानीय स्वशासन की आदर्श इकाइयों के रूप में स्थापित होंगी।