पटना : दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को 37.50 करोड़ की सहायता पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन में आयोजित ‘बैंक ऑफ बड़ौदा बिहार पुलिस सैलरी पैकेज दिवंगत पुलिसकर्मी बीमा लाभ वितरण कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 61 दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को 37 करोड़ 50 लाख रुपए की बीमा राशि के सांकेतिक चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन की भरपाई धन से नहीं हो सकती, लेकिन यह सहायता परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने में मददगार होगी। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अन्य विभागों में भी ऐसी योजनाएं लागू होनी चाहिए।

पुलिस ही सुशासन और विकास की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सुशासन स्थापित करने में पुलिस की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस किसी जाति या वर्ग को नहीं देखती, बल्कि कानून के आधार पर काम करती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पुलिस को चुनौती देगा तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस व्यवस्था से ही उद्योग, निवेश और विकास का रास्ता खुलता है।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए सभी पुलिस लाइनों में खुलेंगे अच्छे स्कूल

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार के सभी 40 पुलिस लाइनों में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाए जाएं।

बिहार में निवेश और उद्योग बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य 20 नवंबर 2026 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपए का निवेश लाना है। उन्होंने बताया कि बिहार का बजट लगातार बढ़ रहा है और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 30 हजार से अधिक है, जो देश में सबसे ज्यादा है। उन्होंने बैंकों से भी अपील की कि बिहार का पैसा बिहार के लोगों और उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए, ताकि राज्य आर्थिक रूप से और मजबूत बन सके।