पटना: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (एल.एन.एम.आई.), पटना के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण के अवसर पर संस्थान की निदेशक डॉ. एन. विजयलक्ष्मी एवं प्राध्यापक डॉ. चन्द्रा सिंह ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान संस्थान के शिक्षकों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कार्यभार संभालने के बाद श्री मिश्रा ने कहा कि एल.एन.एम.आई. से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि संस्थान की स्थापना और इसकी पहचान बनाने में उनके पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने संस्थान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने और इसके समग्र विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है, जिसका निर्वहन वे पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ करेंगे।

श्री मिश्रा ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा।

अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध परंपरा और सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि एल.एन.एम.आई. राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए ज्ञान, अनुसंधान और नीति निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री मिश्रा ने संस्थान परिसर में पौधारोपण भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

संस्थान के अधिकारियों और सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नीतीश मिश्रा के नेतृत्व में एल.एन.एम.आई. शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाएगा।

You missed