पटना: बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को लेकर बड़ी उम्मीद जगी है। पटना में जन्मे वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपये तक निवेश करने की इच्छा जाहिर की है। उनका लक्ष्य राज्य में एल्युमिनियम और कॉपर की बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करना है। इसके लिए झारखंड से कच्चा माल लाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
एक टीवी कार्यक्रम में बिहार को लेकर अपना विजन साझा करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने अपने गृह राज्य को उसके हाल पर नहीं छोड़ा है। दुनिया में जहां भी बिहार के लोग हैं, वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने बिहार में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में व्यापक विकास की इच्छा जताई।
झारखंड से कच्चा माल, बिहार में स्थापित होंगी बड़ी फैक्ट्रियां
अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका कारोबार प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा है। बिहार के विभाजन के बाद खनिज संपदा का बड़ा हिस्सा झारखंड में चला गया। ऐसे में उनकी कोशिश है कि झारखंड के साथ ऐसा समझौता हो, जिससे वहां से कच्चा माल बिहार लाकर औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकें। उन्होंने एल्युमिनियम और कॉपर की फैक्ट्री लगाने की इच्छा जाहिर की। यदि यह योजना साकार होती है, तो बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
बिहार के युवाओं को रोजगार और निवेशकों को प्रोत्साहन
वेदांता चेयरमैन ने बिहार की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यहां टैलेंट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अच्छे औद्योगिक प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। उनका कहना है कि बिहार में ऐसे उद्योग स्थापित होने चाहिए, जिनकी प्रदेश को वास्तविक जरूरत है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
स्कूल और अस्पताल खोलने की भी योजना
अनिल अग्रवाल ने बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूल खोलने की योजना है और बेहतर अस्पतालों की जरूरत को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को बेहतर घर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। सामाजिक विकास से जुड़े अच्छे प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की बात भी उन्होंने कही।
बिहार में बनेंगे करीब 500 नंद घर
महिलाओं और बच्चों के विकास को लेकर अनिल अग्रवाल ने बताया कि मिथिला क्षेत्र में काम शुरू किया गया है। बिहार में करीब 500 नंद घर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों की देखभाल और महिलाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया जाएगा। उनका लक्ष्य प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे हर महीने करीब 12 से 13 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित करने का अवसर पा सकें।
विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम और बिहार की IPL टीम का सपना
बिहार में खेल सुविधाओं के विकास पर भी अनिल अग्रवाल ने बड़ा विजन रखा। उन्होंने राज्य में विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने में सहयोग की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में जो भी निर्णय लेगी, उसमें वह आगे बढ़कर सहयोग करेंगे। इसके साथ ही बिहार की अपनी आईपीएल टीम होने की इच्छा भी जताई। इससे राज्य के युवा क्रिकेटरों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मंच मिल सकता है।
‘बिहारी मेरे भाई हैं’, गृह राज्य से भावनात्मक जुड़ाव
अनिल अग्रवाल ने बिहार के लोगों के साथ अपने भावनात्मक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में जहां भी बिहारी रहते हैं, वह उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बिहार में उनकी योजनाएं अब तक उस स्तर पर आगे नहीं बढ़ सकी हैं, जिसकी वह अपेक्षा करते थे। अब उनकी कोशिश है कि राज्य के विकास में अधिक प्रभावी योगदान दिया जाए।
बिहार में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के संभावित निवेश, बड़े उद्योगों, स्कूलों, नंद घरों और क्रिकेट स्टेडियम को लेकर अनिल अग्रवाल का यह विजन राज्य के विकास की नई उम्मीदें जगा रहा है। हालांकि, निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए आगे की योजनाओं, सरकारी सहयोग और औपचारिक समझौतों का इंतजार रहेगा।
