पटना: नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बुडको की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों में समय, गुणवत्ता और बेहतर फिनिशिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य केवल पूरा करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मंगलवार को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी मौजूद रहे। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना, नमामि गंगे, जलापूर्ति समेत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

लंबित योजनाओं के लिए बनेगा वर्क प्लान

समीक्षा के दौरान मंत्री नीतीश मिश्रा ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में परियोजनाएं लंबित हैं, वहां जिला एवं परियोजना-वार विस्तृत वर्क प्लान तैयार किया जाए। संबंधित एजेंसियों को कार्य पूरा करने की स्पष्ट समय-सारिणी देने को कहा गया है। साथ ही बुडको की टीम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि सभी कार्य तय वर्क प्लान के अनुसार आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना (MMSY) के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा कर उन्हें जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

चालू वित्तीय वर्ष में पूरी हों पाइपलाइन की योजनाएं

मंत्री ने बुडको की पाइपलाइन में चल रही योजनाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। उन्होंने टेंडर, कार्य आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी को रोकने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में समय-सीमा, गुणवत्ता और फिनिशिंग—तीनों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट और बैरिकेडिंग अनिवार्य

नीतीश मिश्रा ने सभी निर्माण स्थलों पर कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल का पालन, नियमित मॉनिटरिंग, ग्रीन नेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित करने को भी कहा गया।

AI डैशबोर्ड से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

बुडको के कामकाज में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मंत्री ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। इंजीनियरों और संवेदकों के लिए ऑनलाइन सिस्टम को सरल और यूजर फ्रेंडली बनाने को कहा गया।

उन्होंने एमआईएस और पोर्टल पर डेटा को अपडेट रखने के साथ AI आधारित डैशबोर्ड, इंजीनियरिंग रिपोर्ट, फाइल ट्रैकिंग और कॉन्ट्रैक्टर डेटाबेस को एकीकृत एवं टेक्नो-फ्रेंडली बनाने का निर्देश दिया। इससे परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

बेहतर काम करने वाले संवेदकों को मिलेगा प्रोत्साहन

मंत्री ने कहा कि समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने वाले संवेदकों को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया जाना चाहिए। वहीं लगातार खराब प्रदर्शन करने या कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार डिबार की कार्रवाई की जाए।

इंजीनियरों की ट्रेनिंग और साइट विजिट पर जोर

नीतीश मिश्रा ने बुडको के इंजीनियरों एवं तकनीकी कर्मियों के लिए एक्सपोजर लर्निंग, प्रशिक्षण और साइट विजिट को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों में अपनाई जा रही आधुनिक निर्माण तकनीकों और बेहतर प्रणालियों का अध्ययन करें तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें बिहार की परियोजनाओं में लागू करें।

परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

पर्यटन क्षेत्रों की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान

मंत्री ने राज्य के पर्यटन स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं प्रगति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार जांच टीम गठित कर परियोजनाओं की जांच कराने को कहा गया।

इसके साथ ही बिहार के सभी 38 जिलों में बुडको के जिला कार्यालयों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

ULB के साथ बेहतर समन्वय के निर्देश

नगर निगमों और नगर परिषदों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने को कहा गया। मंत्री ने स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बुडको की सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता को केंद्र में रखकर काम किया जाए।