Israel Attacks Iran: मिडिल ईस्ट में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने व्यापक जवाबी हमला करते हुए खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में कई स्थानों पर एक साथ हवाई हमले किए। बताया जा रहा है कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के आसपास भी धमाके हुए। इसके जवाब में ईरान ने “ऑपरेशन फतह-ए-जंग” शुरू करते हुए मिडिल ईस्ट के सात देशों में मिसाइल हमले किए।

ईरान का जवाबी एक्शन: किन देशों को बनाया निशाना?

इजराइल – ईरान ने सबसे पहले तेल अवीव पर मिसाइल दागीं। हमलों के बाद इजराइल में आपातकाल की घोषणा कर दी गई।

बहरीन – ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया। दावा है कि बेस को भारी नुकसान पहुंचा है।

संयुक्त अरब अमीरात (अबू धाबी) – अबू धाबी स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला किया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई है और देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

कतर – दोहा में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भी मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

सऊदी अरब – रियाद में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया।

जॉर्डन – जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मुख्यालय पर हमला किया गया। यह देश इजराइल का पड़ोसी है और यहां अमेरिका के उन्नत लड़ाकू विमान तैनात हैं।

कुवैत – कुवैत स्थित अमेरिकी बेस को भी मिसाइल हमले का सामना करना पड़ा।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी एयरबेस जैसे कतर का अल-उदीद, कुवैत का अल-सलेम, यूएई का अल-धफरा और बहरीन स्थित अमेरिकी बेस हमलों की चपेट में आए हैं।

हालांकि, इन हमलों में हुए वास्तविक नुकसान और हताहतों को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन लगातार हो रहे हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं और क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है।