नई दिल्ली: जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों ने देश को एक नया सितारा दिया है। बिहार के गया जिले के रहने वाले शुभम कुमार ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल कर इतिहास रच दिया है। आईआईटी दिल्ली जोन के अंतर्गत आने वाले शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

साधारण परिवार से निकलकर देश के नंबर-1 रैंक तक का सफर

शुभम कुमार बिहार के गया जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता शिव कुमार स्थानीय स्तर पर एक छोटी हार्डवेयर दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा शुभम की शिक्षा को प्राथमिकता दी। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे शुभम की गणित और विज्ञान में विशेष रुचि थी।

JEE Main 2026 में भी दिखाया था दम

जेईई एडवांस्ड में टॉप करने से पहले शुभम ने जेईई मेन 2026 में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सेशन-1 में 300 में से 300 अंक हासिल कर 100 परसेंटाइल स्कोर किया था। तभी से उन्हें जेईई एडवांस्ड के संभावित टॉपर्स में गिना जा रहा था। परिणामों ने इन उम्मीदों को सही साबित कर दिया और शुभम ने AIR 1 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

कोटा में की तैयारी, मेहनत लाई रंग

गया में शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद शुभम राजस्थान के कोटा पहुंचे, जहां उन्होंने जेईई की तैयारी के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। प्रतिस्पर्धी माहौल और नियमित अभ्यास ने उनकी तैयारी को नई दिशा दी। उन्होंने लगातार मॉक टेस्ट दिए और अपनी कमजोरियों पर काम करते हुए प्रदर्शन में सुधार किया।

सफलता का मंत्र: कंसिस्टेंसी और फोकस

अपनी सफलता के पीछे शुभम अपने माता-पिता, शिक्षकों और कोटा के शैक्षणिक माहौल को सबसे बड़ा योगदान मानते हैं। उनका कहना है कि जेईई जैसी परीक्षा में सफलता के लिए किसी शॉर्टकट की नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत और अनुशासन की जरूरत होती है।

शुभम ने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और रोजाना 7 से 8 घंटे गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। उनका मानना है कि नियमित अभ्यास और गलतियों से सीखना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

IIT Bombay से Computer Science करने की इच्छा

जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम आने के बाद अब शुभम जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) की काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली पसंद IIT Bombay का Computer Science Engineering (CSE) प्रोग्राम है।

देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना

शुभम कुमार का सपना केवल एक प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई करना नहीं है, बल्कि तकनीक और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में ऐसा नवाचार करना है जिससे भारत का नाम वैश्विक स्तर पर और अधिक ऊंचा हो। उनका लक्ष्य भविष्य में टेक्नोलॉजी और कोडिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

प्रेरणा बने शुभम कुमार

एक छोटे शहर से निकलकर देशभर में पहला स्थान हासिल करने वाले शुभम कुमार आज लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।