मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल उपकरण, कोचिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, खिलाड़ियों को ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रेरणा मिले।
खेल अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाए। इसके अलावा, पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी प्रमुख खेलों के लिए अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियमों का निर्माण कराया जाएगा। मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत स्तर तक खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 पंचायतों में कुल 5266 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष खेल मैदानों का निर्माण जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण) के माध्यम से पंचायत स्तर पर खेल मैदानों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सव और प्रतियोगिताओं के आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति विकसित की जाए। जिला एवं प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
