रांची: झारखंड सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को राजधानी रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर के टीवीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित समारोह में 800 मेधावी एवं जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को नई साइकिलें वितरित की गईं। कार्यक्रम में राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विद्यार्थियों को अपने हाथों से साइकिल की चाबी सौंपी।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि झारखंड के बच्चे स्कूल से लेकर देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं तक सफलता हासिल करें।
UPSC की तैयारी के लिए भी मिलेगी मुफ्त कोचिंग
मंत्री ने घोषणा करते हुए बताया कि अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए पहले से IIT-JEE, NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग संचालित की जा रही है। अब सरकार UPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के माध्यम से मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से झारखंड के दूरदराज और गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं का IAS और IPS बनने का सपना साकार हो सकेगा।
साइकिल से बढ़ेगी स्कूलों में उपस्थिति
कल्याण मंत्री ने कहा कि साइकिल मिलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को स्कूल आने-जाने में काफी सुविधा होगी। इससे दूरी और परिवहन की समस्या कम होगी, ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी। साथ ही पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और शिक्षा क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
कार्यक्रम में टीवीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। साइकिल प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री और कल्याण मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
विकास कुमार उपाध्याय
