पटना : बिहार में अंगदान को बढ़ावा देने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए अब व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में दधीचि देहदान समिति को सहयोगी के रूप में जोड़ने की पहल करेगी। जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में समिति के सदस्यों के माध्यम से लोगों को अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।

चतुर्थ राष्ट्रीय अंगदान दिवस एवं द्वादश अंतर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस के संयुक्त अवसर पर आयोजित सप्तम राज्यस्तरीय ‘सम्मान, संकल्प एवं सम्मान समारोह’ का मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन दधीचि देहदान समिति, बिहार की ओर से बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, पटना में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत्यु के बाद किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने से बड़ा मानवीय अनुभव किसी परिवार के लिए नहीं हो सकता। अंगदान मानवता, करुणा और जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोगों में अंगदान को लेकर जानकारी तो है, लेकिन मृत्यु के समय भावनात्मक स्थिति के कारण परिवार के लिए निर्णय लेना कठिन हो जाता है। इसलिए पहले से ही समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता और प्रेरणा का वातावरण तैयार करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किडनी दान से किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है, जबकि नेत्रदान किसी के जीवन में रोशनी ला सकता है। उन्होंने दधीचि देहदान समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समिति का अभियान केवल सरकार को सहयोग देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे बिहार की मानवता की सेवा का अभियान है।
जिला और अनुमंडल अस्पतालों में चलेगा जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में दधीचि देहदान समिति को सहयोगी के रूप में जोड़ने की पहल की जाएगी। जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में समिति के सदस्यों की मदद से अंगदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। निजी अस्पतालों में भी अंगदान को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि अंगदान से संबंधित किसी कानून में बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है तो सरकार समिति के साथ विचार-विमर्श कर आवश्यक पहल करेगी। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है और अंगदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशहाली लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अंगदान और नेत्रदान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सामाजिक सुधार, मानवता की सेवा और अंगदान के प्रति जागरूकता के लिए राज्य में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
स्व. सुशील मोदी के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने दधीचि देहदान समिति से जुड़े पूर्व उप मुख्यमंत्री स्व. सुशील मोदी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके मार्गदर्शन में अंगदान के क्षेत्र में कार्य किया गया। मुख्यमंत्री ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने में उनके योगदान को स्मरणीय बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य का बिहार आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आचार्य का बिहार से विशेष जुड़ाव है और उनका बिहार आना राज्य के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने उनसे बिहार आते रहने तथा राज्य के गौरवशाली इतिहास और विकास में सहयोग करते रहने का आग्रह किया।
अंगदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले महाधिवक्ता एस.डी. संजय, विधायक संजीव चौरसिया, महापौर सीता साहू और आईजीआईएमएस के उपनिदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा सहित अन्य लोगों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
इस दौरान अंगदान पर आधारित पत्रिका ‘दधीचि दर्पण’ का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में अंगदान से संबंधित वीडियो फिल्म दिखाई गई, जिसमें स्व. सुशील मोदी और दधीचि देहदान समिति के सदस्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने नेत्रदाताओं और देहदाताओं को सामूहिक रूप से पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, पूर्व राज्यपाल एवं दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष गंगा प्रसाद, भाजपा के संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, समिति के वरीय उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद, पद्मश्री निलेश मांडलेवाला, महासचिव पद्मश्री बिमल जैन, प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता, विधायक श्याम रजक, विधायक संजय गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा बिहार के विभिन्न जिलों से आए दधीचि समिति के सदस्य और अंगदाताओं के परिजन मौजूद रहे।
