पटना में ट्रैफिक चालान के मामलों के लिए लगाए जाएंगे 30 काउंटर, लोगों की सुविधा के लिए पेयजल, साफ-सफाई और मेडिकल व्यवस्था भी उपलब्ध।

पटना : बिहार में आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितंबर 2026 को राज्य के सभी 37 जिलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल आयोजन को लेकर बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) की ओर से व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

4,99,736 प्री-लिटिगेशन मामले चिन्हित

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर BSLSA के प्रांगण में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें BSLSA के सदस्य सचिव पुरुषोत्तम मिश्रा, संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, रजिस्ट्रार आशुतोष कुमार रवि और असिस्टेंट रजिस्ट्रार सिया श्रुति मौजूद रहीं।

सदस्य सचिव पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए प्री-लिटिगेशन के 4,99,736 मामलों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 50 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामलों के निष्पादन का आंकड़ा एक लाख तक भी पहुंच सकता है।

37 जिलों में पूरी हुई तैयारियां

BSLSA के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोक अदालत में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शिविरों में पेयजल और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शिविरों में चिकित्सकीय सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। संबंधित अधिकारियों को लोक अदालत के दौरान आने वाले लोगों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पटना में ट्रैफिक चालान के लिए 30 काउंटर

पटना में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। गांधी मैदान में कुल 30 काउंटर लगाए जाएंगे, जहां संबंधित लोग अपने ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निष्पादन करा सकेंगे। इसके लिए लोगों को आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे। इनमें मुख्य रूप से चालान, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड शामिल हैं।

आपसी समझौते से मामलों का होगा समाधान

BSLSA के रजिस्ट्रार आशुतोष कुमार रवि ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर जरूरतमंद लोगों को सुलभ, निःशुल्क और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने मामलों का सरल और कम समय में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत लोगों के लिए न्याय पाने का एक प्रभावी माध्यम है, जहां आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान कराया जाता है।

12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर BSLSA की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला स्तर पर भी संबंधित अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकारों द्वारा लोगों को लोक अदालत के बारे में जानकारी देने और अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का प्रयास किया जा रहा है।