नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जिन पुलिस और RAF कर्मियों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से विस्तृत चर्चा की गई है।

सौरव दास ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य युवाओं के आंदोलन को कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए भटकने से बचाना है। उन्होंने बताया कि कपिल सिब्बल से कानूनी मार्गदर्शन लिया गया है ताकि छात्रों और युवाओं को न्याय दिलाया जा सके। साथ ही एक ऐसी वेबसाइट तैयार की जाएगी, जहां जिला स्तर पर वकील जुड़कर जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे। उनका कहना था कि इससे युवाओं में यह विश्वास बनेगा कि CJP उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

इस दौरान CJP के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी की भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के साथ हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी और नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से मंगलवार तक इस समझौते की लिखित प्रति देने का आश्वासन दिया गया था।

रांका ने सरकार से जल्द से जल्द लिखित समझौते की प्रति उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि तय समय तक समझौते की कॉपी नहीं मिली और विभिन्न राज्यों में हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा नहीं किया गया, तो CJP दोबारा आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ अनुचित कार्रवाई को रोकना है। उन्होंने कहा कि देश में जहां-जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निशाना बनाया जाएगा, वहां कानून के दायरे में रहकर उन्हें हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि CJP द्वारा बनाई जाने वाली वेबसाइट के माध्यम से वकीलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ेगा।

कपिल सिब्बल ने इस पहल के लिए ₹1 करोड़ देने की घोषणा करते हुए अन्य वकीलों से भी आगे आकर आर्थिक सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल कानूनी सहायता और संबंधित कार्यों के लिए ही इस्तेमाल की जाएगी।