पटना : बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों के भूमि स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए भूमि क्रय-विक्रय और हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी है। मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत आकस्मिक जरूरतों, सरकारी भू-अर्जन और निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप बिहार राज्य आवास बोर्ड को भूमि खरीदने का अधिकार दिया गया है। इसके साथ ही सरकारी प्राधिकरण आवश्यकतानुसार भू-अर्जन कर सकेंगे और राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) से स्वीकृत निवेश परियोजनाओं के लिए निवेशकों को भूमि खरीदने या लीज पर लेने की अनुमति होगी।
भूमि स्वामियों को मिलेगा बेहतर मुआवजा
मंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों की भूमि के लिए बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) में जो अधिक होगा, उसके दोगुने मूल्य के बराबर राशि दी जाएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के लिए बाजार मूल्य या सर्किल रेट में जो अधिक होगा, उसके चार गुना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा कुल राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।
आकस्मिक जरूरतों के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने भूमि स्वामियों की तात्कालिक वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की है। यदि किसी रैयत को अपनी भूमि बेचने की आवश्यकता होगी तो बिहार राज्य आवास बोर्ड उस भूमि का क्रय कर सकेगा। वहीं केंद्र और राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए संबंधित एजेंसियां भू-अर्जन कर सकेंगी। निजी निवेश परियोजनाओं के लिए SIPB से स्वीकृत निवेशक सीधे रैयतों से भूमि खरीद या लीज पर ले सकेंगे।
जिला स्तरीय समिति तय करेगी बाजार मूल्य
भूमि के बाजार मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति द्वारा किया जाएगा। इससे भूमि स्वामियों को उनकी जमीन का उचित और न्यायसंगत मूल्य मिलने की उम्मीद है।
11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का होगा विकास
मंत्री ने बताया कि 22 अप्रैल 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के गठन को मंजूरी दी गई थी। इनमें पाटलिपुत्र, हरिहरनाथपुर, मगध, मिथिला, कोशी, पूर्णियां, अंग, सीतापुरम, विक्रमशिला, तिरहुत और सारण टाउनशिप शामिल हैं।
विकास और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय भूमि स्वामियों की आकस्मिक आवश्यकताओं का समाधान करने के साथ-साथ नियोजित शहरी विकास, आधुनिक आधारभूत संरचना निर्माण और निवेश को बढ़ावा देगा। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बिहार के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
