पटना: बिहार में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रबी अभियान 2026 के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आ रही कमियों और सुधार की जरूरतों पर भी चर्चा हुई।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दलहन और तिलहन के क्षेत्र विस्तार के लिए खरीफ और रबी दोनों मौसमों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए। खासतौर पर धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली जमीन पर दलहन और तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य फसल सघनता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करना भी है।

उन्नत किस्मों का होगा ट्रायल

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल अन्य राज्यों की अधिसूचित एवं उन्नत किस्मों का ट्रायल कराया जाएगा। सफल किस्मों को बिहार के किसानों के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा बिहार कृषि विश्वविद्यालय और डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से राज्य की जरूरत के अनुरूप नई किस्मों के विकास और अनुसंधान को गति देने का निर्देश दिया गया। गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सीड हब विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

जिलों में तय होंगे लक्ष्य

कृषि मंत्री ने जिला कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के साथ बैठक कर दलहन और तिलहन की खेती के विस्तार के लिए उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया। चिन्हित क्षेत्रों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर नियमित निगरानी की जाएगी। उन्होंने फसल क्षेत्रफल और उत्पादन से जुड़े आंकड़ों के संग्रहण में विशेष सतर्कता बरतने को कहा, ताकि राज्य में दलहन-तिलहन के वास्तविक क्षेत्रफल, उत्पादन और उत्पादकता की सही तस्वीर सामने आ सके।

योजनाओं के लिए बनेगी स्पष्ट टाइमलाइन

कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने सभी निदेशालयों के निदेशकों को योजनाओं की स्वीकृति से लेकर किसानों तक लाभ पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी नोडल पदाधिकारियों को योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और किसानों तक समय पर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।