नालंदा: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को नालंदा समाहरणालय में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में जिलास्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुई इस कार्यशाला में जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों, विकास मित्रों और सर्वेक्षण दलों को योजना के सफल संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में अधिकारियों को चयनित गांवों में सर्वेक्षण, आधारभूत आंकड़ों के संग्रहण तथा विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डेटा अपलोड करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि नालंदा जिले के परवलपुर प्रखंड को छोड़कर शेष 19 प्रखंडों की 77 ग्राम पंचायतों के 102 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत किया गया है। योजना का उद्देश्य इन गांवों का समग्र विकास कर उन्हें सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करना है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत 10 प्रमुख क्षेत्रों में 50 विकास संकेतकों (इंडिकेटर्स) पर कार्य किया जाएगा। इनमें स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्यालयों और आंगनवाड़ियों में शौचालय निर्माण, नाली निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, एंबुलेंस सुविधा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, ग्रामीण सड़क एवं आवास, बिजली, एलईडी बल्ब, गैस कनेक्शन, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, कृषि सुधार, सॉयल हेल्थ कार्ड और जल संरक्षण जैसे कार्य शामिल हैं।

जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक चयनित गांव के सर्वांगीण विकास के लिए 20 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं केंद्र सरकार द्वारा नए चयनित गांवों को 21 लाख रुपये प्रति गांव की सहायता दी जाएगी। इसमें 20 लाख रुपये विकास कार्यों पर तथा 1 लाख रुपये प्रशासनिक, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार जैसे कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन गांवों का चयन किया गया है जहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक या कम से कम 500 अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं। योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मूल्यांकन-सह-अभिसरण समिति तथा ग्राम स्तर पर मुखिया की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जा चुका है। साथ ही सभी चयनित गांवों में सर्वेक्षण दल भी गठित कर दिए गए हैं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए तथा समेकित प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि विकास कार्यों को बिना विलंब आगे बढ़ाया जा सके।

कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग), जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं 19 प्रखंडों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं चयनित गांवों के सर्वेक्षण दल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला से जुड़े।

नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट