पटना : बिहार में मत्स्य उत्पादन और पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण और फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना से बिहार में मत्स्य पालन को नई गति मिलेगी और राज्य के मछुआरों एवं मत्स्यपालकों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार अब मछली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में राज्य से देश-विदेश तक गुणवत्तापूर्ण मछली का निर्यात करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर पंचायत में बढ़ेगा मछली उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक पंचायत और प्रखंड में मछली उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में हाट आधारित मॉडल विकसित किया जाएगा, जहां दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री की व्यवस्था होगी। इससे किसानों और मत्स्यपालकों को सीधे बाजार का लाभ मिलेगा। उन्होंने सहकारिता समितियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से मछली उत्पादन के लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकता है।

बिना कांटे वाली गुणवत्तापूर्ण मछली उत्पादन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि बेहतर गुणवत्ता वाली और कम कांटे वाली मछलियों के उत्पादन पर भी ध्यान देना होगा। राज्य की मछलियों को पड़ोसी राज्य झारखंड और नेपाल सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

हेलीकॉप्टर पर्यटन सेवा 15 जुलाई से

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से पटना में मात्र 2100 रुपये में हेलीकॉप्टर राइड की सुविधा शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से लोग हवाई मार्ग से शहर का भ्रमण कर सकेंगे।

इसके अलावा पर्यटकों को लगभग 6000 रुपये में हेलीकॉप्टर के जरिए प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इनमें राजगीर, मुंडेश्वरी मंदिर, तुतला भवानी मंदिर तथा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना में राज्य सरकार सब्सिडी भी प्रदान करेगी।

तालाबों पर सोलर और नीचे मछली उत्पादन की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों में मौजूद तालाबों का बहुउद्देशीय उपयोग किया जाएगा। इसके तहत तालाबों में नीचे मछली उत्पादन और ऊपर सौर ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जाएगा, जिससे किसानों और मत्स्यपालकों की आय में वृद्धि होगी।

बिहार के विकास मॉडल का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार उद्योग, पर्यटन, आईटी, डिफेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और तय समयसीमा में अनुमति नहीं मिलने पर स्वीकृति स्वतः जारी करने की व्यवस्था लागू की जा रही है। कार्यक्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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