रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। सत्ता पक्ष के इंडिया गठबंधन और विपक्षी एनडीए दोनों अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसी बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान ने चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की जाति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रत्याशी ब्राह्मण है और गठबंधन की जीत निश्चित है।

‘यह बंगाल नहीं, झारखंड है’

रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड के विधायक राज्य की अस्मिता और सम्मान को ध्यान में रखकर मतदान करेंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन दोनों सीटों पर जीत हासिल करेगा।

अंसारी ने कहा, “यह बंगाल नहीं, झारखंड है। यहां के विधायक मान-मर्यादा और राज्य के हित को ध्यान में रखकर वोट करेंगे। हमारे उम्मीदवार प्रणव झा ब्राह्मण हैं। हम ब्राह्मण समाज का सम्मान करते हैं। जो लोग उनके साथ गद्दारी करेंगे, उन्हें इसका जवाब जनता देगी।”

राज्यसभा चुनाव में कौन-कौन मैदान में?

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं—

झामुमो के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम

कांग्रेस के उम्मीदवार प्रणव झा

भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी

चुनाव जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोट हासिल करने होंगे।

विधानसभा में क्या है संख्या बल?

झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें—

झामुमो – 34 विधायक

कांग्रेस – 16 विधायक

राजद – 4 विधायक

भाकपा (माले) लिबरेशन – 2 विधायक

वहीं एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं, जिनमें—

भाजपा – 21 विधायक

आजसू – 1 विधायक

लोजपा (रामविलास) – 1 विधायक

जदयू – 1 विधायक

इसके अलावा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का भी एक विधायक है।

क्यों हो रहा है यह चुनाव?

झारखंड में राज्यसभा की एक सीट झामुमो के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई है। दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है।

चुनाव से पहले बयानबाजी तेज

राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इरफान अंसारी के जातीय टिप्पणी वाले बयान को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि विधानसभा के संख्या बल के अनुसार चुनाव परिणाम आते हैं या मतदान के दौरान कोई राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलता है।

विकास कुमार उपाध्याय