पटना : बिहार सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य के ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में उच्चस्तरीय बैठक कर किसानों, ग्रामीण श्रमिकों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का ‘डबल इंजन’ सहयोग बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए जारी की गई बैकलॉग राशि पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
1 जुलाई से पूरी तरह लागू होगी VB G RAM G योजना

बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी VB G RAM G योजना को आगामी 1 जुलाई 2026 से राज्यभर में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
30 जून से पहले होगा मनरेगा बकाया भुगतान
ग्रामीण श्रमिकों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से मनरेगा की सभी लंबित राशि का भुगतान 30 जून 2026 से पहले सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लाखों श्रमिक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों के लिए बनेंगे ‘आदर्श केंद्र’
कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राज्य में प्याज, टमाटर, आम सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (आदर्श केंद्र) स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बक्सर और लखीसराय में टमाटर एवं प्याज के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
बिहार के फलों को मिलेगा वैश्विक बाजार

राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार के फलों और बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
एकीकृत खेती का मॉडल बनेगा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार कृषि रोड मैप लागू करने वाला देश का पहला राज्य रहा है। अब राज्य में एकीकृत खेती (Integrated Farming) को बढ़ावा देकर बिहार को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही जल संरक्षण, वॉटरशेड परियोजनाओं और मिट्टी संरक्षण कार्यक्रमों को भी तेजी से लागू किया जाएगा।
‘लखपति दीदी’ अभियान में बिहार देश में अव्वल
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीविका दीदी को लखपति दीदी बनाने के अभियान में बिहार देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य सरकार इस अभियान को और तेज गति से आगे बढ़ाएगी। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाले सरस मेलों को भी केंद्र सरकार का सहयोग मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 60 लाख पात्र परिवार चिन्हित
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत राज्य में 1.04 करोड़ लोगों की पहचान की गई, जिनमें से लगभग 60 लाख परिवार पात्र पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी गरीब परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया है।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलता रहेगा।
