पटना : बिहार में कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार कई बड़े कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया में नए आपराधिक कानूनों के एकीकृत कार्यान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर घोषणा की कि अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में कानून का राज और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि सरकार न्यायपालिका के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करेगी ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
हर महीने पटना में लगेगा राज्य स्तरीय सहयोग शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंड स्तर पर ‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत लोगों की शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाता है। अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा। इसमें वे लोग अपनी शिकायत रख सकेंगे जो प्रखंड स्तर पर हुए निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार उनकी समस्याओं का समाधान कर न्याय सुनिश्चित करेगी।
AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी न्याय व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। थानों को सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच संसाधनों से लैस किया जा रहा है। साथ ही फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।
112 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम होगा कम
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 112 आपातकालीन सेवा के तहत पुलिस औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। सरकार का लक्ष्य इसे घटाकर 7 से 8 मिनट करना है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ी तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी महीने राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज और 534 मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू हो चुकी है, जबकि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन पर भी तेजी से काम चल रहा है।
सम्मेलन में कई वरिष्ठ हस्तियां रहीं मौजूद
बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश, बिहार न्यायिक अकादमी, बिपार्ड, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला न्यायाधीशों, कानून विशेषज्ञों तथा प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी और एकरूप क्रियान्वयन के लिए न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
