नालंदा : जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों अधिनियमों के तहत जिले में दर्ज मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता एवं मुआवजा समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) ने बताया कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के अनुसंधान की नियमित निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा स्वीकार्य नहीं होगी। यदि कहीं ऐसी गतिविधि सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दोषी नियोजकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनर्वास योजनाओं के तहत पात्र व्यक्तियों को कौशल विकास, स्वरोजगार एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराई जाए।
जिला कल्याण पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत 71 लाभुकों को प्रथम किस्त तथा 111 लाभुकों को द्वितीय किस्त के रूप में कुल 1.59 करोड़ रुपये (159.44 लाख रुपये) की सहायता राशि वितरित की गई है। इसके अलावा जिले में अधिनियम के तहत 63 पात्र लाभार्थियों को नियमित मासिक पेंशन भी दी जा रही है।
बैठक में नालंदा के माननीय सांसद, अपर समाहर्ता, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला कल्याण पदाधिकारी, विशेष लोक अभियोजक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति थाना के थानाध्यक्ष सहित समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट
