पटना: बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को लोकभवन (राजभवन) जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल ने नीतीश कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में लगभग दो दशक से चले आ रहे एक युग का अंत हो गया है।

कैबिनेट की आखिरी बैठक

इस्तीफा देने से पहले पटना में नीतीश कुमार ने कैबिनेट की आखिरी बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा, “मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं।” ये सुनते ही बैठक में मौजूद नीतीश के तमाम नेता इमोशनल हो गए। मंत्री लेसी सिंह तो मीडिया से बात करते हुए फफर पड़ीं। वहीं मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, आज सब भावुक थे, सभी की आंखें नम रहीं।

इस्तीफा के बाद नीतीश कुमार ने पोस्ट में क्या लिखा

नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और विकास-केंद्रित संदेश साझा किया। उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि 24 नवंबर 2005 से जब पहली बार एनडीए सरकार बनी, तब से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और लगातार विकास की दिशा में काम किया गया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम, सवर्ण हो या पिछड़ा, दलित हो या महादलित सभी के लिए काम किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे हर क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए गए, वहीं महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

आगे उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों के लिए “7 निश्चय-3” योजना तैयार की गई है, जो 2025 से 2030 तक बिहार के विकास को नई गति देगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के विकास में अहम रहा है और इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

अपने इस्तीफे के फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि अब पद छोड़ना है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। साथ ही यह भरोसा भी जताया कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। अंत में उन्होंने बिहार की जनता का धन्यवाद करते हुए विश्वास जताया कि राज्य आगे भी तेजी से प्रगति करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।