पटना : दंडी स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि के अवसर पर अखिल भारतीय स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच की ओर से जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना के सभागार में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के संयोजक संजीत कुमार चौधरी ने की।
समारोह का उद्घाटन करते हुए पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अपना पूरा जीवन किसानों और मजदूरों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि जमींदारी उन्मूलन जैसे ऐतिहासिक परिवर्तन स्वामी जी के संघर्षों का ही परिणाम थे। उन्होंने किसानों, मजदूरों और विशेष रूप से युवाओं से स्वामी जी के सपनों का भारत बनाने का आह्वान किया।
डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती किसानों के सबसे बड़े नेता थे और उनका सपना था कि देश में किसानों का सम्मान और अधिकार सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद स्वामी जी की उपेक्षा केवल एक महान व्यक्तित्व को भुलाना नहीं था, बल्कि किसानों के नेतृत्व वाले भारत के उनके सपने की भी अनदेखी थी। उन्होंने अपने संसदीय कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में स्वामी सहजानंद सरस्वती का तैलचित्र लगवाने सहित उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए। उन्होंने बताया कि स्वामी जी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रमुख सहयोगियों में थे और उन्होंने आजादी की लड़ाई के क्रांतिकारी विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाया।
डॉ. अरुण कुमार ने स्वामी जी के प्रसिद्ध कथन—”जो अन्न और वस्त्र उपजाएगा, वही देश का कानून बनाएगा”—का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को उनका सम्मान और अधिकार दिलाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी सहजानंद सरस्वती पर सबसे अधिक शोध अमेरिकी विद्वान वाल्टर हाउजर ने किया, जबकि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने उन्हें “दलितों का सन्यासी” कहा था।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती केवल किसानों के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने कहा कि यदि देश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है तो किसानों और मजदूरों को उनका अधिकार दिलाना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों और श्रमिकों की स्थिति मजबूत होने पर ही भारत वास्तविक अर्थों में खुशहाल और विकसित राष्ट्र बन सकेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संजीत कुमार चौधरी ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि आज भी स्वामी जी के विचार देश के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके जीवनकाल में थे।
इस अवसर पर खुशीद अनवर, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद चन्द्रवंशी, पूर्व आईजी उमेश कुमार सिंह, आस्मां प्रवीण, शशि कुमार सिंह, विज्ञान स्वरूप सिंह, मनोज कुमार, अशोक चौधरी, अभिनव कुमार तथा मनोज लाल दास ‘मनु’ सहित अन्य लोगों ने स्वामी सहजानंद सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
