पटना : बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BELTRON) के 522 चयनित Programmers की लंबित Joining की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। चयनित अभ्यर्थी 1 अक्टूबर से “भूख हड़ताल 2.0” और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान बुधवार को कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है।

अभ्यर्थियों के अनुसार, वे लंबे समय से चयनित होने के बावजूद Joining का इंतजार कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन में 1 अक्टूबर से अम्बुज कुमार और मथिलेश कुमार लगातार अनशन पर हैं।

वहीं, आंदोलन को समर्थन देने के लिए 5 अक्टूबर से महिला अभ्यर्थी चंदा कुमारी और नीशा साहनी भी भूख हड़ताल में शामिल हो गई हैं। इसी दिन चयनित अभ्यर्थियों की ओर से सामूहिक भूख हड़ताल भी आयोजित की गई थी।

आंदोलनकारियों का कहना है कि सामूहिक भूख हड़ताल के दिन से ही अंकित पांडेय सहित एक अन्य अभ्यर्थी की तबीयत खराब होने लगी थी। बुधवार को अंकित पांडेय की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। बताया गया कि उन्हें Panic Attack के बाद तत्काल गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गर्दनीबाग अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने अंकित पांडेय को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के मुताबिक, PMCH में उनका इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी की तबीयत भी खराब होने के बाद उन्हें गर्दनीबाग अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया कि उन्हें सलाइन चढ़ाई जा रही है।

अभ्यर्थियों ने एक बार फिर BELTRON से 522 चयनित Programmers की लंबित Joining को लेकर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।