पटना : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बिहार के 25,000 लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त वित्तीय सहायता राशि का आज प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भुगतान किया गया। पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाभार्थियों के खाते में राशि हस्तांतरित की।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने ‘Solar Rath Abhiyan’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान राज्य के लोगों को रूफटॉप सोलर योजना के लाभ, सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी तथा आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए जागरूक करना है।
2 किलोवाट तक के सिस्टम पर मिलेगी ₹20 हजार तक अतिरिक्त सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अब 2 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर ₹10,000 प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम ₹20,000 तक की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी दी जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को मिलाकर 3 किलोवाट के सोलर सिस्टम पर लाभार्थियों को कुल ₹98,000 तक की वित्तीय सहायता मिल सकेगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
लाभार्थियों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने योजना के कुछ लाभार्थियों से संवाद भी किया और उनके अनुभवों की जानकारी ली। इनमें नालंदा जिले के आशा नगर की निवासी श्रीमती आशा देवी भी शामिल रहीं।

नालंदा स्थित NIC केंद्र में जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, विद्युत अधीक्षण अभियंता सहित विद्युत विभाग के वरीय पदाधिकारी और अन्य लाभार्थी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।
उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल ने की।
‘Solar Rath Abhiyan’ के माध्यम से लोगों को रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया, उपलब्ध सरकारी सहायता और योजना से होने वाले लाभों की जानकारी दी जाएगी। सरकार की ओर से इसे सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया है।
