रांची/नई दिल्ली: झारखंड ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर 12 प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया है। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में उद्योग, आईटी तथा पर्यटन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों में राज्य का पहला 1400 मेगावाट का न्यूक्लियर पावर प्लांट, बड़े स्टील एवं सीमेंट संयंत्र, सोलर परियोजनाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
झारखंड में बनेगा पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट
जिंदल समूह की कंपनी जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड राज्य में लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत से 1400 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करेगी। इसके अलावा जिंदल स्टील लिमिटेड करीब 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से नया स्टील प्लांट लगाएगी, जबकि जिंदल रिन्यूएबल्स 140 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करेगी।
गूगल देगा AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण

आईटी विभाग ने गूगल एलएलसी के साथ AI, क्लाउड और डेटा सेंटर से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग के लिए MoU किया है। इसके तहत राज्य के 2.3 लाख शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं लॉर्ड्स एजुकेशन सोसायटी AI की मदद से टीबी सहित अन्य बीमारियों की पहचान और नियंत्रण में सरकार का सहयोग करेगी।
उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
समझौते के तहत टाटा स्टील टिनप्लेट विस्तार और ईज़ी मेल्ट टेक्नोलॉजी परियोजनाओं में निवेश करेगी। अंबुजा सीमेंट गोड्डा में नया सीमेंट प्लांट स्थापित करेगी। पर्यटन विभाग ने टाटा मोटर्स के साथ इंडस्ट्रियल टूरिज्म और EaseMyTrip के साथ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया है। इस दौरान एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।
आदिवासी उद्यमियों को अधिक अवसर देने पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास दीर्घकालिक सोच के साथ किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि JIADA की औद्योगिक भूमि आवंटन नीति में आदिवासी उद्यमियों के लिए वर्तमान 25 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि आदिवासी समाज औद्योगिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि अब झारखंड को केवल खनिज संपदा पर निर्भर रहने के बजाय नवाचार, अनुसंधान और बौद्धिक क्षमता के विकास पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, “हमें माइंस से माइंड्स की ओर बढ़ना है।”
सिंगापुर ने भी दिखाई निवेश में रुचि
नई दिल्ली में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सिमोन वोंग वी कून से मुलाकात की। बैठक में झारखंड में निवेश और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सिंगापुर ने राज्य में निवेश की इच्छा जताते हुए जल्द प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही।
प्रमुख निवेश प्रस्ताव
* जिंदल स्टील लिमिटेड – ₹40,000 करोड़
* जिंदल न्यूक्लियर पावर प्राइवेट लिमिटेड – ₹30,000 करोड़
* रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड – ₹10,000 करोड़
* टाटा स्टील (हिसारना एवं ईज़ी मेल्ट टेक्नोलॉजी) – ₹7,000 करोड़
* अमलगम स्टील एंड पावर – ₹4,980 करोड़
* रुंगटा माइन्स – ₹3,000 करोड़
* टाटा स्टील (टिनप्लेट विस्तार) – ₹2,600 करोड़
* अंबुजा सीमेंट – ₹1,000 करोड़
* जिंदल रिन्यूएबल्स – ₹650 करोड़
* वरुण बेवरेजेस – ₹409 करोड़
कुल प्रस्तावित निवेश: ₹99,639 करोड़
विकास कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
