पटना :  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना साइंस कॉलेज का निरीक्षण करते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पटना साइंस कॉलेज परिसर में ‘यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज’ की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय भौतिकी एवं विज्ञान के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा, नवाचार और अत्याधुनिक अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर का विस्तृत अवलोकन किया और अधिकारियों को समग्र विकास के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पटना साइंस कॉलेज के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करते हुए इसे विज्ञान अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी संस्थान बनाना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं, अत्याधुनिक अनुसंधान केंद्र, उन्नत शैक्षणिक अधोसंरचना और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बिहार के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय शिक्षा एवं अनुसंधान का अवसर मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि साइंस कॉलेज की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। छात्रावासों का उन्नयन, खेल मैदानों का विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए जल्द ही विशेषज्ञों की टीम भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, पटना साइंस कॉलेज परिसर में बनने वाला ‘यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज’ न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञान एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता का प्रमुख केंद्र बनेगा। निरीक्षण के दौरान साइंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) अलका ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कॉलेज की वर्तमान व्यवस्थाओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने पटना कॉलेजिएट स्कूल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।